राफेल पर कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट से बीजेपी को मिली राफेल पर बड़ी रियायत
                          

पांच राज्यों के चुनाव से पहले इस मुद्दे पर घिरी सरकार को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था पर अब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को क्लीन चिट दे दी है सुप्रीम कोर्ट का कहना है राफेल सौदे पर सरकार पर आरोप लगाना गलत है क्योंकि इसमें पक्षपात का कोई सबूत अभी तक नहीं मिला है शीर्ष अदालत ने राफेल डील में कारोबारी पक्षपात के सबूत नहीं होने  और इस पर सवाल उठाने को गलत बताते हुए सरकार को क्लीन चिट दे दी है 5 महीनों बाद होने वाली लोकसभा चुनाव को देखते हुए भी यह फैसला सरकार के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है जबकि कांग्रेस अभी भी इस मुद्दे को जेपीसी जांच कराने की मांग पर डर्टी हुई है वहीं याचिकाकर्ताओं ने फैसले को गलत और अचंभित फैसला बताया है चीफ जस्टिस रंजन गूगल जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने शुक्रवार को एक मत से फ्रांस के साथ 36 रायफल विमानों की खरीद को लेकर अप्रैल 2016 में हुई 14 की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया पीठ ने डील की प्रक्रिया में अनियमितता रिलायंस कंपनी को भारतीय ऑफसेट पार्टनर चुनने में पक्षपात के आरोपों को रद्द कर दिया कोर्ट ने कहा कि विमान की कीमतों का तुलनात्मक विवरण तैयार करना उनका मार्ग नहीं है हम 126 की जगह 36 विमान खरीदने का निर्णय खारिज नहीं कर सकते पीठ ने कहा कि विमान की खरीद जैसे संवेदनशील मुद्दे में दखल देने का कोई कारण नहीं पीट ने कहा कि हमारा मानना है कि रक्षा करार आदि में न्यायिक परीक्षण की सीमा रेखा होती है सभी करार को एक तपे मानी के हिसाब से नहीं देखा जा सकता पीठ ने कहा हम संतुष्ट हैं और हमें इस प्रक्रिया में संदेह जताने का कोई कारण नहीं दिखता

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