Saturday, 15 December 2018

Love-Sex-Dhokha

                      Love - Sex - Dhokha

Hello friends subscribe kre new story ka update ka email notification pane ka liye आज की कहानी  दिल को छूने बाली है।कहानी के टाइटल से आप समझ ही गये होगे । यह कहानी ऐसे प्यार की ही जो प्यार प्यार नही बल्कि झूठ फरेब और मतलब से किया गया था। चलते है कहानी की तरफ । दिन गुरुबार शुबह का समय था । गली में क्रिकेट मैच हो रहा था ।बैटिक कर रहा था रोहन । ओबर की आगरी बोल जीतने को छः रन की जरूरत थी । बोलर फूल स्पीड से बोल डालता है। रोहन  नजरे गड़ाए अपनी तरफ आती बोल को पूरी जान से मारता है स्किस के लिये । बोल हवा मे होती है। करन बोल को पकड़ने के लिए ऊपर देखता हुआ पीछे की ओर बड़ता जाता है। पीछे बड़ते बड़ते उसकी टक्कर होती है अंजली से। सारा सामान जमीन पर गिर गया बो दोनों भी जमीन पर। उधर रोहन का स्किस हो गया । उसी टीम उछल उछल कर खुशी मानने लगती है।करन और अंजली दोनों समान उठाने लगते है। करन की नजर अंजली पर टीक जाती है।रोहन भी बही आ कर मदद करने लगता है । अंजली समान उठाकर जाने लगती है। करन सुनो सौरी मेरे वजह से अपका समान गिरा।अंजली कोई बात नही गलती से ही तो हुआ। रोहन बोला थैंक्स। अंजली क्यों थैंक्स । रोहन आपकी वजह से हम मैच जीत गये। अंजली ओह कोंग्रेस और करन की तरफ देखते हुए सौरी मेरी बजा से आप हार गये।करन कोई बात नही तम्हारे लिए 500 क्या 5000 भी हार जाऊ। अंजली क्या । करन कुछ नही आप जाओ। रोहन करन के गले में हाथ डाल कर अंजली को जाते देखने लगते है।और कहता है बड़ी फुरसत से बनाया होगा इसको ऊपर वाले ने।करन सही बोल रहा है। रोहन चल चल 500rs निकाल जीत के। करन ले लिओ कहा भागा जा रहा हूँl रोहन अच्छा साले अभी तो लड़की के सामने बड़ी बड़ी फेक रहा। करन अच्छा चलना दोनों पार्टी करेंगे।रोहन करन एक ही गली में रहते है। दोनों बचपन के दोस्त है और एक ही गैरेज पर काम करते है। नौकरी के साथ साथ गलत काम भी करते है  जुआ सट्टा शराब चोरी ।दोनों अच्छे परिवार से नही होते । लड़ाई झगडा इनका रोज का काम है।रोहन के पिता की तबयत ठीक नही है तो करन अकेला ही गैरेज जाता है। करन गाना गुन गुनाता हुआ चलता है। तो उसे सामने से अंजली आती दिख जाती है। करन कपड़ो और बालों को ठीक करते हुए  मुस्कुराते हुऐ अंजली की तरफ बड़ता है।पास आकर कहता है हैलो कैसी हो आप। अंजली देख कर अनसुना करके आगे निकल गयी। करन भी सहमा हुआ  सा चला गया |करन गैरेज पर आ जाता है। छोटू चायवाला चाय लेकर आता है लो करन भाई अपकी चाय रोहन भाई नही ए ए आए आज। करन नही रे आज उसका बापू बिमार है । तो बता सर्त लगाये गा आज। छोटू नही तुम मुझे पागल बना देते हो । करन नही रे आज सर्त बहुत आसान है। छोटू अच्छा तो बताओं ।करन ये 1000रूपे मेरे 1000रूपे तू निकाल छोटू दे देता है। तो सर्त यह है कि यह हो गये 2000 रुपे जो सबसे ज्यादा की बोली लगाये गा उतने रूपे सामने वाले को देकर इनको ले लेगा तो बोल छोटू पहले तू। छोटू एक मिनट पहले बोली तुम बोलेंगे।करन ठीक है तो मेरी बोली 500 छोटू मेरी बोली1000 करन मेरी 1500 छोटू मेरी 1800 करन मैं हार गया छोटू देखा ना मेरे दिमाग का कमाल 1800 पकड़ो 2000 मुझे दो अब सर्त मत लगाना छोटू से ऐसे ही हार होगी
करन हां ठीक है भाई🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣
रात को करन काम खत्म कर गई अपने घर के लिए जाने लगता है ऑटो से | तभी पीछे आवाज आती है भैया शास्त्री नगर चलोगे चलोगे क्या ऑटो वाला हां मैडम आ जाओ मैं उसी सेट जा रहा हूं करन साइड हो कर बैठ जाता है मुंह पर दुपट्टा बंधा हुआ एक लड़की करण की बगल में बैठ जाती है कुछ देर बाद वो अपना दुपट्टा खोल ती है तो करन देख कर चौक जाता है तुम इतनी रात को कहां से आ रही हो वह अंजलि होती है अंजली कुछ नहीं कोचिंग सेंटर पर लेट हो गई थी करन सुबह मैंने तुमसे कुछ पूछा था तुमने जवाब ही नहीं दिया देख कर आगे चली गई अंजली अरे नहीं ऐसा कुछ नहीं था सामने से मेरा भाई आ रहा था इसलिए मैं चुपचाप आगे चली गई  करन अच्छा बैसे तुम्हारा नाम क्या है।मेरा नाम अंजली है और तुम्हारा मेरा नाम करन है।करन शास्त्री नगर रहती हो।अंजली हा ।मै उससे थोड़ी रहता हूं।अंजली ओके ।करन क्या तुम रोज इसी समय घर जाती हो।अंजली हा ।अगले दिन से करन रोज अपनी बाईक लेकर आने लगा और अंजली को रोज लिफ्ट देता।दोनों धीरे धीरे करीब आ रहते थे।एक दिन करन ने अंजली को प्यार का इजहार किया ।अंजली भी करन को मन ही मन चहा रही थी ।अंजली ने सरमाते हुए हां कर दी।बस यही से शुरू हो गया बो घिन्होना सफर  आगे की कहानी जानने के लिये कमेन्ट करके हमें बताए जल्द ही हम इसका आगे का भाग उपलोड करगे हमें फोलो करे thanku so much click here - - - - - (follow me)------------------(More Story

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